देवकीनंदन ठाकुर जी कौन है और कथा, लाइव प्रसारण 2023

आज के इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं देवकीनंदन ठाकुर जी के बारे में जानकारी। श्री देवकीनंदन एक ऐसे धार्मिक गुरु है जिनके प्रवचन सुनने के लिए भारी तादाद में लोग इकट्ठा होते हैं। जब भी इनके कीर्तन होते हैं तो उनमें बहुत ज्यादा संख्या में भक्त भाग लेते हैं।‌

भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोगों को इन्होंने धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से आनंद का एहसास कराया है। इनके जीवन शैली से लोग बहुत ज्यादा प्रेरणा लेते हैं और यही वजह है कि लगातार इनके भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। अगर आप देवकीनंदन ठाकुर जी के बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं तो हमारे आज के इस आर्टिकल को सारा पढ़ें।

देवकीनंदन ठाकुर जी की भागवत कथा लाइव | देवकीनंदन ठाकुर जी का सत्संग(kaise dekhe)

अगर आप देवकीनंदन ठाकुर जी की भागवत कथा लाइव देखना चाहते हैं तो इसके लिए आप इनके यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकते हैं। इनके यूट्यूब चैनल को विशेषतौर पर भक्तों के लिए बनाया गया है ताकि सभी भक्त देवकीनंदन ठाकुर जी का सत्संग आसानी के साथ देख सकें।

देवकीनंदन ठाकुर जी की भागवत : यदि आपको भगवान श्री कृष्ण की लीला के सत्संग को और भागवत कथा को लाइव देखना चाहते हैं, तो आपके लिए हम यहां ठाकुर जी महाराज के यूट्यूब चैनल का लिंक शेयर कर रहे हैं। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप उनकी बहुत सारी भागवत कथा और सत्संग का आनंद ले सकते हैं।

देवकीनंदन ठाकुर जी का भागवत प्रवचन

देवकीनंदन ठाकुर जी का भागवत प्रवचन पूरी तरह से भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। इनके भागवत प्रवचन में श्री कृष्ण की लीला का बहुत ही सुंदर और सरलता के साथ व्याख्यान किया जाता है।

देवकीनंदन जी की आवाज बहुत ही मधुर है जो भागवत प्रवचन सुनने वालों का मन पूरी तरह से मोह होती है। यही वजह है कि जब भी ठाकुर जी महाराज का भागवत प्रवचन का आयोजन होता है तो उसमें भारी मात्रा में भक्तों का मेला सा लग जाता है।

अगर आप इनके भागवत प्रवचन में जा नहीं सकते तो आप यूट्यूब पर इनके सत्संग और कथा सुन सकते हैं। यहां हम आपके साथ देवकीनंदन ठाकुर जी की भागवत कथा का लिंक शेयर कर रहे हैं जिस पर क्लिक करके आप उनके प्रवचन सुन सकते हैं।  

देवकीनंदन ठाकुर जी का गरुड़ पुराण

सनातन धर्म में गरुड़ पुराण का बहुत ज्यादा महत्व होता है। वैसे तो गरुड़ पुराण को किसी भी व्यक्ति के मरने के बाद 13 दिन तक पढ़ा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो तब उसकी आत्मा 13 दिनों तक घर में ही रहती है और उस आत्मा को ही गरुड़ पुराण सुनाया जाता है। इस तरह से मरने वाले व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। पर गरुड़ पुराण मरने से पहले भी सुना जा सकता है।

देवकीनंदन के प्रवचन श्री ठाकुर जी महाराज अपनी गरुड़ पुराण कथा में व्याख्यान करते हैं कि मरने के बाद मनुष्य के साथ कौन-कौन सी गतिविधियां होती हैं।

इसके अलावा गरुड़ पुराण में वह यह भी बताते हैं कि मृत्यु के बाद व्यक्ति को उसके कर्मों की क्या सजा मिलती है। इस तरह से देवकीनंदन ठाकुर गरुड़ पुराण में उन सभी घटनाक्रमों के बारे में बताने के साथ-साथ यह भी बताते हैं कि मनुष्य को उसके पाप और पुण्य के अनुसार कैसे फल मिलता है।

गरुड़ पुराण सुनने के बाद व्यक्ति का मन और मस्तिष्क शुद्ध होता है। अगर आप भी देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के गरुड़ पुराण सुनना चाहते हैं तो इसके लिए नीचे दिए गए वीडियो के लिंक पर क्लिक करें।

देवकीनंदन ठाकुर जी जीवन परिचय

देवकीनंदन भारत के एक बहुत ही जाने माने कथावाचक, आध्यात्मिक गुरु हैं। देवकीनंदन की कथा इनका पूरा नाम श्री देवकीनंदन ठाकुर जी है लेकिन इन्हें भक्तों द्वारा ठाकुर जी महाराज कहकर पुकारा जाता है।

इन्होंने सिर्फ 6 साल की उम्र में ही अपना घर छोड़ दिया था और वृंदावन चले गए थे। वहां पर फिर वो एक नाटक मंडली से जुड़ गए थे जहां पर वह रासलीला और रामलीला का नाटक प्रस्तुत करते थे जिसमें वह श्री कृष्ण और श्री राम का किरदार निभाया करते थे। फिर वृंदावन से ठाकुर जी महाराज दिल्ली आ गए थे। दिल्ली के शाहदरा में इन्होंने काफी समय तक श्रीमद्भागवत महापुराण का उपदेश भी दिया था

इन्हें भारत का बहुत ज्यादा लोकप्रिय कथा वाचक होने के कारण यूपी रत्न पुरस्कार से भी नवाजा गया है।  देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने दुनिया भर में शांति का प्रसार करने के लिए विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना की हुई है। इस तरह से भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इनकी कथा और सत्संग का आयोजन करवाया जाता है।

देवकीनंदन ठाकुर जी का जन्म

महान कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी का जन्म 12 सितंबर 1978 को मथुरा के ओहोवा गांव में हिंदू ब्राह्मण परिवार हुआ था।

देवकीनंदन ठाकुर जी का परिवार

देवकीनंदन ठाकुर जी के पिता का नाम राजवीर शर्मा है और इनकी मां का नाम श्रीमती अनसुईया देवी है। अपनी मां से ही इन्होंने बचपन में लोक कथाएं और कृष्ण भक्ति की बातें सुनी थीं। इसलिए बचपन में ही इनके मन में भगवान श्री कृष्ण को लेकर बहुत ज्यादा श्रद्धा और प्रेम विकसित हो गया था।

देवकीनंदन ठाकुर जी के कितने बच्चे हैं

देवकीनंदन ठाकुर जी का एक पुत्र है जिसका नाम देवांश है।

देवकीनंदन ठाकुर जी की पत्नी

देवकीनंदन ठाकुर जी की पत्नी का नाम अंदमाता है।

देवकीनंदन ठाकुर जी के भाई

देवकीनंदन ठाकुर जी के छोटे भाई का नाम विजय शर्मा है

देवकीनंदन ठाकुर जी फैमिली फोटो

देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज अपनी पत्नी अंदमाता और अपने बेटे देवांश के साथ।

देवकीनंदन ठाकुर जी की पत्नी का फोटो

देवकीनंदन ठाकुर जी की पत्नी अंदमाता अपने पति देवकीनंदन ठाकुर जी के साथ।

Image by Hindi Tale.com

देवकीनंदन ठाकुर के पिता का नाम क्या है

देवकीनंदन ठाकुर जी के पिताजी का नाम राजवीर शर्मा है।

देवकीनंदन ठाकुर की फीस कितनी है?

देवकीनंदन ठाकुर की फीस एक लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक है।

देवकीनंदन ठाकुर का मंदिर | देवकीनंदन ठाकुर जी का मंदिर

देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने 2009 में श्री प्रियाकांत जू मंदिर की स्थापना की थी। इस मंदिर को बनने में तकरीबन 7 साल का समय लग गया था। यह मंदिर पूरी तरह से भगवान श्री कृष्ण और राधा को समर्पित किया गया है। श्री प्रियाकांत जू मंदिर छटीकरा मथुरा वृंदावन मार्ग पर बना हुआ है और बिल्कुल वैष्णो देवी मंदिर के पास है। यहां पर भक्त सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 4:30 बजे से लेकर 8:30 बजे तक जा सकते हैं।

Devkinandan thakur mandir vrindavan बहुत ही अद्भुत और निराला बना हुआ है। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें भगवान श्री कृष्ण और राधा की बहुत ही मनमोहन और सुंदर मूर्ति स्थापित की गई है। मंदिर का नाम भी राधा और श्री कृष्ण के ऊपर ही रखा गया है।

मंदिर का नाम प्रियाकांत है जिसमें प्रिया का मतलब है राधा और कांत का मतलब है श्री कृष्ण। यह मंदिर अंदर और बाहर दोनों ही जगह से बहुत ही खूबसूरत बनाया गया है और इसकी ऊंचाई लगभग 125 फीट है।

यह मंदिर देखने में बिल्कुल कमल के फूल की तरह लगता है और इस मंदिर के दोनों तरफ पानी के कुंड बनाए गए हैं जिनके अंदर पानी के फव्वारे लगे हुए हैं। श्री प्रियाकांत जू मंदिर को और भी ज्यादा आकर्षक बनाते हैं इस मंदिर के चारों कोनों पर बने हुए भगवान गणेश, भगवान शिव और भगवान हनुमान के छोटे-छोटे मंदिर।

अगर आप श्री प्रियाकांत जू मंदिर जाना चाहते हैं तो इसके लिए आप रेल, बस, हवाई जहाज से जा सकते हैं। इसके लिए यातायात की जानकारी निम्नलिखित इस प्रकार से है –

रेल से आप यदि रेल से यात्रा करके श्री प्रियाकांत जू मंदिर तक पहुंचना चाहते हैं तो इसके लिए आपको बता दें कि सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन है जो कि श्री प्रियाकांत जू मंदिर से लगभग 15 किलोमीटर दूर है।

बस से –अपने राज्य या शहर से आप श्री प्रियाकांत जू मंदिर पहुंचने के लिए बस की सहायता ले सकते हैं। वृंदावन पहुंचने के बाद फिर वहां से स्थानीय बसों या फिर टैक्सी करके श्री प्रियाकांत जू मंदिर पहुंच सकते हैं।

हवाई जहाज से –यदि आप श्री प्रियाकांत जू मंदिर हवाई जहाज से यात्रा करके पहुंचना चाहते हैं तो के लगभग 73 किलोमीटर दूर पंडित दीनदयाल उपाध्याय हवाई अड्डा है जोकि प्रियाकांत जू मंदिर से सबसे करीब है।

देवकीनंदन जी के बारेमे जानकर कैसा लगा

मुझे आशा है की आपको देवकीनंदन ठाकुर जी के बारेमे पूरी जानकारी मिली होगी। उनकी कथा का प्रसारण के बारेमे इत्यादि जानकारी पूर्ण रूपसे मिली होगी। ऐसी ही सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारी वेबसाइट पर जरूर आते रहे।

धन्यवाद!

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